पांचवां महासागर – दक्षिणी महासागर | Southern Ocean | महासागर और उनकी विशेषताएँ

दक्षिणी महासागर | विश्व का पांचवा महासागर | महासागर और उनकी विशेषताएँ

आज के इस महत्वपूर्ण लेख में हम बात करेंगे पांचवें महासागर की जिसका नाम है दक्षिणी महासागर, साथ ही महासागरों का विस्तार और उनकी विशेषताओं के बारें में जानेंगे।

तो आइये जानते है…….

हम बात करने जा रहे है महासागर की, तो पहले ये जानना आवश्यक है कि महासागर कहते किसको है। महासागर का दर्जा प्राप्त करने के लिए क्या-क्या अर्हताएँ होनी चाहिए, तो आइये जानते है।

महासागर किसे कहते है (What is the ocean called) ?

महासागर

कई सागरों को अपने में समाहित कर लेने का आकार रखने वाले पृथ्वी पर फैले खारे पानी के विशाल जल क्षेत्र को महासागर कहते है। महासागरों की औसत गहराई लगभग 3953 फुट से 15,215 फुट होती है। महासागर पृथ्वी का लगभग तीन-चौथाई (71%) हिस्सा घेरे हुए हैं। मतलब पृथ्वी के 3 हिस्से में जल और एक हिस्से में स्थल है। पृथ्वी पर मौजूद पानी का 97% हिस्सा महासागरों के पास है। मतलब पृथ्वी पर मौजूद कुल जल का 97% जल खारा है। इन महासागरों में अपार जल राशि होने के कारण ही हमारी पृथ्वी को वाटर प्लैनेट और जीवित ग्रह कहा जाता है।

महासागर की विशेषताएँ

  • ये आकार में सागरों से कई गुना बड़े होते है।
  • सभी महासागर आपस में एक-दूसरे से जुड़े रहते है।
  • इनकी वास्तविक गहराई को नापा नहीं जा सकता।
  • इनका पानी खारा होता है।
  • महासागर कई प्रकार के जीवों को संरक्षण देते है।
  • इन्ही की बदौलत पृथ्वी पर अलग-अलग मौसम और जीवन संभव है।

हम ये जान गए कि महासागर किसे कहते है और इनकी क्या विशेषता होती है। अब ये जान लेते है कि महासागर कितने है। तो अब कुल पांच महासागर है।

विश्व में कुल पांच महासागर है (There are five oceans in the world)

  • प्रशांत महासागर (Pacific Ocean – पैसिफिक ओशन)
  • अटलांटिक महासागर (Atlantic Ocean – अटलांटिक ओशन)
  • हिन्द महासागर (Indian Ocean – इंडियन ओशन)
  • आर्कटिक महासागर (Arctic Ocean – आर्कटिक ओशन)
  • दक्षिणी महासागर (Southern Ocean – सॉउदर्न ओशन)

महासागर और उनका विस्तार (Oceans and their expansion)

  • प्रशांत महासागर (पैसिफिक ओशन) – 6,36,34,000 वर्ग मील।
  • अटलांटिक महासागर (अटलांटिक ओशन) – 3,13,50,000 वर्ग मील।
  • हिन्द महासागर (इंडियन ओशन) – 2,83,56,000 वर्ग मील।
  • आर्कटिक महासागर (आर्कटिक ओशन) – 54,27,000 वर्ग मील।
  • दक्षिणी महासागर (सॉउथर्न ओशन) – 57,31.000 वर्ग मील।

सबसे बड़ा प्रशांत महासागर है तथा सबसे छोटा आर्कटिक महासागर है। आर्कटिक महासागर सबसे छोटा महासागर होने के बावजूद भी सबसे बड़े सागर, भूमध्य सागर (मेडिटेरियन सी) जिसका विस्तार 11,44,800 वर्ग मील है से 5 गुना बड़ा है। अब तक के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रशांत महासागर का सबसे गहरा क्षेत्र मारियाना ट्रेंच है जिसकी गहराई करीब 36,200 फुट मापी गई है। हालांकि, वैज्ञानिक इसे प्रशांत महासागर की अधिकतम गहराई नहीं मानते है। वही बात करे सबसे गहरे सागर की तो कैरेबियन सागर सबसे गहरा है जिसकी गहराई करीब 22,788 फुट मापी गयी है।

दक्षिणी महासागर की पृष्ठभूमि (Southern Ocean Background)

7 जून 2021 तक मान्यता प्राप्त इस विश्व में केवल 4 ही महासागर थे, लेकिन 8 जून 2021 को इन महासागरों की श्रेणी में एक और महासागर जुड़ गया जिसका नाम दक्षिणी महासागर (Southern Ocean) है। यह अंटार्कटिका महाद्वीप में स्थित है। इसलिए इसे कही-कही अंटार्कटिक महासागर भी कहते है। ये नीचे जो आप तस्वीर देख रहे है यह अंटार्कटिका के आसपास के दक्षिणी महासागरीय इलाके की है।

दक्षिणी महासागर (Southern Ocean - सॉउदर्न ओशन)

08 जून 2021 को विश्व महासागर दिवस (World Oceans Day) पर नेशनल जियोग्राफिक सोसाइटी (NGS) ने इसे पांचवें महासागर के रूप में मान्यता दी। नेशनल जियोग्राफिक सोसाइटी का कहना है कि 1915 से जब से नक़्शे बनने शुरू हुए तब से पूरे विश्व में केवल चार महासागरों को मान्यता दी जा रही थी। NGS के एक आधिकारिक जियोग्राफर एलेक्स टेट ने बताया कि वैज्ञानिक कई सालों से दक्षिणी महासागर को मान्यता नहीं दे रहे थे, क्योंकि इसे लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं हुआ था, इसलिए हम इसे आधिकारिक तौर पर महासागर की श्रेणी की मान्यता नहीं दे पा रहे थे। 

हालांकि, अब तो मान्यता मिल गयी है, लेकिन इंटरनेशनल हाइड्रोग्राफिक ऑर्गनाइजेशन (IHO- International Hydrographic Organization) ने 1937 में दक्षिणी महासागर को अंटार्कटिका के आसपास जल के एक अलग भाग के रूप में मान्यता दी थी, लेकिन 1953 में इसे निरस्त कर दिया गया। इंटरनेशनल हाइड्रोग्राफिक ऑर्गनाइजेशन एक अंतर-सरकारी परामर्शदाता और अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जिसे 1921 में नेविगेशन और समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा का समर्थन करने के लिए स्थापित किया गया था। भारत भी इंटरनेशनल हाइड्रोग्राफिक ऑर्गनाइजेशन का सदस्य है।

दक्षिणी महासागर की विशेषताएँ (Features of the Southern Ocean)

  • व्हेल मछली के शिकार के लिए यह महासागर प्रसिद्ध है।
  • यह अंटार्कटिका महाद्वीप को चारों तरफ से घेरे हुए है। सामान्यतः महासागर, महाद्वीपों से घिरे रहते है।
  • दक्षिणी महासागर एक ऐसा महासागर है, जो कि तीन अन्य महासागरों को छूता है। ये महासागर है- प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर और हिन्द महासागर।

महासागरों की अपनी-अपनी विशेषताएँ (Characteristics of the oceans) 

  • अन्य महासागरों की अपेक्षा आर्कटिक महासागर का पानी सबसे कम खारा है।
  • आर्कटिक महासागर में ही मीठे पानी का सागर है।
  • हिन्द महासागर में दुनिया का सबसे खारे पानी का सागर, लाल सागर स्थित है।
  • हिन्द महासागर में सबसे गरम सागर, फारस की खाड़ी स्थित है।
  • हिन्द महासागर उत्तर दिशा में जमीन से घिरा हुआ है।
  • हिन्द महासागर केवल दक्षिणी ध्रुव को स्पर्श करता है।
  • प्रशांत और अटलांटिक महासागर उत्तरी और दक्षिणी दोनों ध्रुवों को स्पर्श करते है।
  • बरमूडा त्रिकोण जो कि बहुत ही खतरनाक जगह मानी जाती है, यह अटलांटिक महासागर में स्थित है।
  • अटलांटिक महासागर को अंध महासागर कहा जाता है।
  • अटलांटिक महासागर की आकृति देखने में एस (S) आकार की दिखती है।
  • अटलांटिक महासागर का पानी सबसे ज्यादा खारा है। इसके जल की लवणता 3.7% है।

महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts)

  • महासागर (समंदर) का क्या महत्व है और इसका संरक्षण समस्त प्राणी-जीवों के लिए क्यों आवश्यक है, ये बताने के लिए प्रति वर्ष 8 जून को विश्व महासागर दिवस मनाया जाता है।
  • सागर को समुद्र कहते है।
  • महासागर को समंदर कहते है।
  • विश्व महासागर दिवस का विचार (Concept) सबसे पहले कनाडा को आया और उसने रियो डि जेनेरियो में पृथ्वी सम्मलेन (अर्थ समिट) के दौरान 1992 में प्रस्तावित किया जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूनाइटेड नेशन जनरल असेम्बली) ने दिसंबर 2008 में पास किया और तब से यह हर साल पूरे विश्व में 8 जून को मनाया जाता है।
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