जम्मू और कश्मीर संकल्प दिवस यूके की संसद में आयोजित | मलाला यूसुफजई और समस्त भारत विरोधियों को याना मीर का कड़ा जवाब

जम्मू और कश्मीर संकल्प दिवस के बारे में वो सब-कुछ, जो आप जानना चाहते हैं........

आज के इस लेख में हम ‘जम्मू और कश्मीर संकल्प दिवस (Jammu and Kashmir Sankalp Divas)’ और उससे जुड़े हुए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित प्रश्नों और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में जानेंगे।

तो आइए जानते हैं……

चर्चा में क्यों?

हाल ही में 22 फरवरी 2024 को जम्मू और कश्मीर अनुसंधान के लिए समर्पित एक प्रतिष्ठित थिंक-टैंक, जम्मू और कश्मीर अध्ययन केंद्र यूके (जेकेएससी) ने यूके संसद में ‘जम्मू और कश्मीर संकल्प दिवस’ मनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में ब्रिटिश संसद के सदस्यों के साथ ही प्रवासी समुदाय के लोग और कई कम्युनिटी लीडर्स शामिल हुए।

जम्मू और कश्मीर संकल्प दिवस (Jammu and Kashmir Sankalp Divas)

22 फरवरी 1994 की ऐतिहासिक तारीख को, भारतीय संसद के दोनों सदनों ने एकजुट होकर एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया, जिसमें दृढ़ता से पुष्ट की गई कि जम्मू और कश्मीर का पूरा क्षेत्र भारतीय क्षेत्र का अभिन्न अंग है। इस प्रस्ताव ने मीरपुर-मुजफ्फराबाद और गिलगित-बाल्टिस्तान को फिर से हासिल करने के भारत के अधिकार पर जोर दिया, जो 1948 में पाकिस्तानी आक्रमण का शिकार हुए थे। 1994 से हर साल 22 फरवरी को जम्मू और कश्मीर संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाता है, यह दिन भारतीय लोगों की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कार्यक्रम में उपस्थित कश्मीरी पत्रकार याना मीर का अभिभाषण

कश्मीर की पत्रकार और कार्यकर्ता याना मीर ने यूके की संसद की तरफ से लंदन में होस्ट किए गए कार्यक्रम, संकल्प दिवस में पाकिस्तान पर झूठे प्रोपेगैंडा के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब करने की कोशिश का आरोप लगाया। मीर ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और उन्हें यहां पूरी तरह से सुरक्षित महसूस होता है। मीर ने कहा मैं मलाला यूसुफजई नहीं हूं, जिसे आतंकी खतरों की आशंका की वजह से अपने ही देश से भागना पड़े। मैं अपने देश भारत में सुरक्षित हूं। मैं कभी पाकिस्तान में पनाह नहीं लूंगी।

मीर ने आगे कहा कि मलाला यूसुफजई किसी-न-किसी मुद्दे के जरिए मेरे देश भारत को बदनाम करने की कोशिश करती हैं, जिस पर मुझे आपत्ति है। मुझे हर उस टूलकिट सदस्य से दिक्कत है, जो खुद कभी कश्मीर नहीं आए, लेकिन इसके बावजूद वह सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर में अत्याचार से जुड़ी झूठी कहानियां बुनते रहते हैं। मैं आपसे अपील करती हूं कि धर्म के आधार पर भारतीयों का ध्रुवीकरण करना बंद करें। इससे हमें तोड़ा नहीं जा सकता।

मुझे उम्मीद है कि पाकिस्तान और ब्रिटेन में रहने वाले लोग अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मंचों या अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर भारत को बदनाम करना बंद कर देंगे। आतंकवाद की वजह से पहले ही हजारों कश्मीरी माएं अपने बेटों को खो चुकी हैं। अब कश्मीरी समुदाय को शांति से रहने दिया जाए। (जानकारी के लिए बता दूं कि कर्नाटक हिजाब विवाद के दौरान मलाला यूसुफजई ने इस पर भारत के खिलाफ टिप्पणी की थी।)

याना मीर ने की भारतीय सेना की तारीफ

इस समारोह के दौरान याना मीर को जम्मू और कश्मीर में विविधता को बढ़ावा देने के लिए डायवर्सिटी एंबेसडर अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से कश्मीर में हुए विकास से अवगत कराया। इस दौरान याना मीर ने बेहतर सुरक्षा प्रबंधों, सरकारी योजनाओं और फंडिंग का जिक्र किया। मीर ने कश्मीर से कट्टरपंथ को कम करने और युवाओं के विकास को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सेना की सराहना की।

संकल्प दिवस समारोह के दौरान PoK से निकल जाने के बाद ब्रिटेन में रह रहे सजद रजा ने भी अपना पक्ष रखा। रजा ने बताया कि PoK में मानवीय अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। साथ ही उन्होंने PoK में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ लोगों से आवाज उठाने की अपील की।

जम्मू और कश्मीर संकल्प दिवस क्यों मनाया जाता है?

22 फरवरी, 1994 को भारतीय संसद के दोनों सदनों में सर्वसम्मति से पास हुए एक प्रस्ताव की याद में इस दिवस को मनाया जाता है। इस प्रस्ताव में कहा गया था कि जम्मू और कश्मीर का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग है। इस कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तानी कब्जे में मौजूद मीरपुर-मुजफ्फराबाद और गिलगित बाल्टिस्तान को वापस हासिल करने के भारत के अधिकार पर जोर दिया जाता है।

मलाला यूसुफजई

मलाला यूसुफजई का जन्म 12 जुलाई, 1997 में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में हुआ। मलाला के पिता का नाम जियाउद्दीन यूसुफजई है। 2007 से मई 2009 तक तालिबान ने स्वात घाटी पर कब्जा कर रखा था। इस वजह से तालिबान के भय से लड़कियों ने स्कूल जाना बंद कर दिया था। मलाला उस समय आठवीं की छात्रा थीं और उनका संघर्ष यहीं से शुरू होता है।

2008 में स्वात घाटी पर तालिबान ने अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया। वहां उन्होंने डांस, डीवीडी, ब्यूटी पार्लर और अन्य की गतिविधियों पर बैन लगा दिया। 2008 के अंत तक वहां करीब 400 स्कूल बंद करवा दिए गए। इसके बाद मलाला के पिता उसको पेशावर ले गए, जहां मलाला ने नेशनल प्रेस के सामने मशहूर भाषण दिया, जिसका शीर्षक था: हाउ डेयर द तालिबान टेक अवे माय बेसिक राइट टू एजुकेशन ? तब वो महज 11 साल की थीं।

2012 में तालिबानी आतंकी उस बस पर सवार हो गए, जिस बस से मलाला अपने साथियों के साथ स्कूल जाती थी। बस में सवार आतंकियों में से एक ने बस में पूछा कि मलाला कौन है? ऐसा पूछने पर सभी खामोश हो गए। इस दौरान उन आतंकियों की निगाह मलाला की ओर घूम गई। आतंकियों ने मलाला को पहचान लिया। इसके बाद आतंकियों ने मलाला पर एक गोली चलाई, जो उसके सिर में लगी। मलाला पर यह हमला 9 अक्टूबर 2012 को खबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात घाटी में हुआ।

सिर में गोली लगने की वजह से गंभीर रूप से घायल मलाला को उपचार के लिए ब्रिटेन ले जाया गया। जहां उन्हें क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान विश्व भर के लोगों द्वारा मलाला के सकुशल स्वस्थ्य होने की प्रार्थना की गई और आखिरकार मलाला ब्रिटेन में स्वस्थ हो गई। तब से मलाला यूके में ही हैं। 2014 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उस समय वह केवल 17 साल की थीं। यह पुरस्कार प्राप्त करने वाली वह दुनिया की सबसे युवा हस्ती या महिला हैं। अब वह यूके में ही स्कूल चलाती हैं।

आपको कमेंट के माध्यम से बताना है कि 2014 में मलाला यूसुफजई के साथ किस भारतीय को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया?????? यदि आपको इसका उत्तर नहीं पता है, तो आप FAQ का सबसे आखरी प्रश्न देखें।

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FAQ:

प्रश्न: जम्मू और कश्मीर संकल्प दिवस कब मनाया जाता है?

उत्तर: 22 फरवरी।

प्रश्न: जम्मू और कश्मीर संकल्प दिवस 2024 कहां आयोजित किया गया?

उत्तर: यूके की संसद में।

प्रश्न: जम्मू और कश्मीर संकल्प दिवस क्यों मनाया जाता है?

उत्तर: 22 फरवरी, 1994 को भारतीय संसद के दोनों सदनों में सर्वसम्मति से पास हुए एक प्रस्ताव की याद में इस दिवस को मनाया जाता है। इस प्रस्ताव में कहा गया था कि जम्मू और कश्मीर का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग है। इस कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तानी कब्जे में मौजूद मीरपुर-मुजफ्फराबाद और गिलगित बाल्टिस्तान को वापस हासिल करने के भारत के अधिकार पर जोर दिया जाता है।

प्रश्न: जम्मू और कश्मीर संकल्प दिवस मनाए जाने के लिए भारतीय संसद के दोनों सदनों में सर्वसम्मति से प्रस्ताव कब पारित हुआ?

उत्तर: 22 फरवरी, 1994

प्रश्न: कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, यह प्रस्ताव भारतीय संसद के दोनों सदनों में सर्वसम्मति से कब पारित किया गया?

उत्तर: 22 फरवरी, 1994

प्रश्न: जम्मू और कश्मीर संकल्प दिवस आयोजन के दौरान कश्मीरी पत्रकार याना मीर को किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया?

उत्तर: डायवर्सिटी एंबेसडर अवार्ड।

प्रश्न: मलाला यूसुफजई का जन्म कहां हुआ?

उत्तर: मलाला यूसुफजई का जन्म 12 जुलाई, 1997 में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में हुआ।

प्रश्न: वर्तमान में मलाला युसूफ जी कहां रह रही हैं?

उत्तर: यूके।

प्रश्न: सबसे कम उम्र में नोबेल पुरस्कार हासिल करने वाली हस्ती कौन है?

उत्तर: मलाला यूसुफजई (17 वर्ष)

प्रश्न: 2014 में मलाला यूसुफजई के साथ किस भारतीय को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया?

उत्तर: कैलाश सत्यार्थी।

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